Follow Your Heart and Be Happy :)
Tuesday, December 20, 2011
चल
चल
बादलों के दायरे के
पार हो आएं।
चल
खुली हवा बन के
उड़ जाएं।
चल
नीर बन के
ढूँढें नए रास्ते।
चल
देखें, फूल खिलते हैं
कैसे शाख पे।
चल
फिर एक बार इन सब से मिल जाएं
चल
खुद को भुलाकर
इन सब के हो जाएं।
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment