Tuesday, July 19, 2011

नैना



नैनों के प्यालों ने
ख्वाब कई छुपाये हैं
कुछ पाने के, कुछ बनने के
कितने ही सपने दिखाए हैं

लेकर इन सपनो के रंग
जाने कितनी तसवीरें बनाते हैं
बिन बोले ही ये नैना
एक अलग दुनिया में ले जाते हैं

सपनो भरे इन नैनो को
लव्जों की ज़रूरत कहाँ है
मगर नैनो की इस भाषा को
हम समझते कहाँ हैं