Saturday, January 21, 2012

तेरी इबादत में
झूमने को दिल करता है
तुझे पाने की चाह में
खुदको लुटाने को जी करता है
एक बार रूबरू आजा बस
तो फिर ज़िन्दगी का मोह भी छूट सकता है

Monday, January 9, 2012

दिल के एक कोने में मैंने
तेरी यादों को सहेज रखा है
तेरी बातों को सहेज रखा है
ताकि जुदाई के वक़्त मुझे
जीने का सहारा मिल सके

Sunday, January 8, 2012

तुझे ताके मेरी अँखियाँ

तेरी राह तकती
ड़ी अखियाँ
तू आए तो करूँ
तुझसे बतियाँ
फिर आया जो आज भी तू
तो फिर जागते हुए बीतेगी रतिया

आदत

तू मोहोबत नहीं
इबादत है मेरी
हर लम्हे से जूझने की
ताकत है मेरी
तू शख्स बनके तो साथ नहीं मेरे
फिर भी साँसों की तरह, तू आदत है मेरी